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बिल्हौर शिवराजपुर का आदिकालीन खेरेश्वर महादेव मंदिर, गंगा घाट और दंडी आश्रम

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RAHUL TRIPATHI       खेरेश्वर महादेव मंदिर खेरेश्वर गंगा घाट दंडी आश्रम दंडी आश्रम घाट महाकालेश्वर मंदिर गंगाघाट शिवराजपुर गंधर्व ताबाल खेरेश्वर मंदिर शिवराजपुर अश्वत्थामा मंदिर शिवराजपुर अश्वत्थामा मंदिर में मिले शिलालेख राजा सती प्रसाद का हाथी द्वार खेरेश्वर महादेव शिवलिंग खुदाई में निकली भगवान विष्णू की प्रतिमा खुदाई में निकली भगवान विष्णू की प्रतिमा

Champawat is a district of Uttarakhand उत्तराखंड के एतिहासिक स्थलों में एक चंपावत

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उत्तराखंड के एतिहासिक स्थलों में एक चंपावत   राहुल त्रिपाठी की ग्राउंड रिपोर्ट चंपावत उत्तरांखंड का एक जिला है। चंपावत जिला अपने आकर्षक मंदिरों और खूबसूरत वास्तुशिल्प के लिए में प्रसिद्ध है। जनपद में पहाड़ों व मैदानों के बीच से होकर बहती नदियां अद्भुत छटा बिखेरती हैं। चंपावत वन्यजीव, प्राकृतिक पर्यटन, देशाटन, वनस्पति और प्राकृतिक सुंदरता से ओत-प्रोत स्थान है। चम्पावत को कुमाऊं की उत्पत्ति का नगर माना जाता है। कला, संस्कृति, रहन-सहन और विभिन्न सरोकार यहां पुष्पित व पल्लवित हुए। सातवीं सदी के आसपास खेतीखान के निकट शोनितपुर के कत्यूरी राजा ने अपनी पुत्री चम्पा का विवाह कर इस इलाके को अपने दामाद सोमचंद को सौंपा था। झूसी इलाहाबाद से आए चंदवंशीय राजाओं ने इसे अपनी राजधानी बनाया और यहां से पूरे कुमाऊं गढ़वाल सहित तराई भावर तक अपने साम्राज्य का विस्तार किया। इस दौरान उन्होंने चम्पावत के ईद-गिर्द कई निर्माण कराए। जिनमें राजा सोमचंद ने सातवीं सदी के आस-पास बालेश्वर मंदिर समूह का निर्माण कराया। खुजराहो शैली में बालेश्वर मंदिर समूह का निर्माण हुआ है। पत्थरों में तराशी गई विभिन्न मूर्तियों के सा...