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नौ करोड़ रुपये के आयुर्वेदिक अस्पताल से छूमंतर होगी बीमारियां

नौ करोड़ रुपये से निगोहा में अत्याधुनिक आयुष हास्पिटल का निर्माण शुरू - १०० बेड वाले हास्पिटल में मरीजों को पंचकर्म-आयुर्वेदिक पद्धति से होगा उपचार - चौबेपुर कसबे से १० किमी दूर निगोहा गांव जिला सर्वोत्तम आयुर्वेदिक चिकित्सालय - आयुष मंत्रालय ने वर्ष २०१६ में जारी किया था फरमान अब शुरू हुआ काम राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। तहसील क्षेत्र के चौबेपुर निगोहा गांव में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा स्थित १०० बेड वाले जिले के सबसे अत्याधुनिक आयुष अस्पताल निर्माण का काम शुरू हो गया है। करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आयुर्वेदिक अस्पताल निर्माण की घोषणा भारत सरकार की ओर से वर्ष २०१६ में की गई थी। इस अस्पताल के निर्माण से कानपुर नगर जनपद सहित कानपुर देहात के लाखों ग्रामीणों को सीधा लाभ होगा। चौबेपुर ब्लाक मुख्यालय से बेला रोड के समीप स्थित निगोहा गांव में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से जिला के सबसे अत्याधुनिक और सबसे बड़े आयुष चिकित्सालय के निर्माण प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी एसआर यादव ...

- वछना के पढऩे वाले युवाओं ने नील की खेती का किया विरोध

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स्वामी नारायण आश्रम में पढऩे वाले वीरों ने अंग्रेजों की नाक में किया दम - फिरंगियों ने कोठी में बंद कर वछना के सेनानियों को दी थी यातनाएं राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। तहसील क्षेत्र के मकनपुर के अलावा अरौल, आंकिन, वछना, सैबसू, शिवराजपुर के वीर सपूतों का आजादी की लड़ाई में महती भूमिका रही है। अंग्रेज हुक्मरान क्षेत्र में नहरों से पानी के लिए गांव-गांव जाकर लगान वसूली के साथ-साथ जबरन नील की खेती कराते थे। इसके अलावा लगान और ईस्ट इंडिया कंपनी के उत्पाद न खरीदने पर विविध प्रकार की यातनाएं देते थे। लेकिन अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में वछना गांव के स्वामी नारायण आश्रम में पढऩे वाले युवाओं ने अंगे्रजों की कोठी में जमकर आगजनी और पत्थरबाजी करते हुए विरोध के सुर तेज कर दिए थे। जिसके बाद ककवन, बिल्हौर, ककवन, देवहा, मकनपुर अरौल में अंगे्रजों विरोधी लहर से फिरंगी कड़ी सुरक्षा में ही क्षेत्र में आते थे। स्वतंत्रता संग्राम में महती भूमिका निभाने वाले वीर सपूतों के परिजन आज भी अंगे्रजों से लिए गए पूर्वजों विवाद को बताते नहीं थक रहे। वर्ष १९३० स्वामी नारायण आश्र...

- कानपुर से कन्नौज, फर्रुखाबाद जाते समय बिल्हौर में जरूर रुकते थे अटल जी

सैबसू के लोगों ने अटल जी को सुनने के लिए जाम कर दी थी जीटी रोड - कानपुर से कन्नौज, फर्रुखाबाद जाते समय बिल्हौर में जरूर रुकते थे अटल जी -  १९९८ में जीटी रोड पर अटल जी के लिए सैबसू के लोगों जाम की थी सड़क - कानपुर से फर्रुखाबाद जाने पर जगह-जगह होता था स्वागत - समर्थकों से आगृह पर वह गाड़ी के ऊपर ही खड़े होकर देते से भाषण राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की क्षेत्र में गहरी लोकप्रियता थी यही कारण है कि कन्नौज और फर्रुखाबाद जब भी वह जाते थे तब उनका चौबेपुर और बिल्हौर रुकना तय ही रहता था। अटल जी को देखने और सुनने के लिए क्षेत्रीय लोग इतने आतुर रहते थे कि उनके सुरक्षा कर्मियों से तू-तू मैं-मैं और जीटी रोड तक जाम करने की नौबत आ जाती थी। लेकिन अटल जी कभी भी ऐसे कार्यकर्ताओं को दुखी नहीं करते थे सभी को अनुशासन का पाठ पढ़ाकर उन्हें जरूर मार्ग दर्शन देते थे। वर्ष १९९८ में कानपुर से कन्नौज जा रहे पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीटी रोड से गुजरने की सूचना पर सैबसू के भाजपा समर्थक चैंपियन शुक्ला, प्रकाश नाथ शुक्ल, सुशील अग्रिहोत्री आदि अपने कई समर्थकों क...

बिल्हौर की प्रमुख खबरें राहुल त्रिपाठी के साथ

- बारिश के कारण लखनऊ-इटावा राजमार्ग का ट्रैफिक बाधित - हजारों लोगों को चौबेपुर बेला मार्ग और मकनपुर आइमा मार्ग से जाने को मजबूर अमर उजाला ब्यूरो ककवन(बिल्हौर)। क्षेत्र से गुजरे लखनऊ-इटावा राजमार्ग के प्रमुख पांडु नदी पुल भारी बारिश के कारण २४ घंटे से पूरी तरह बंद है। ककवन पुलिस ने उक्त पुल से सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर सुरक्षा के मद्देनजर रोक लगा रखी है। वहीं लोक निर्माण विभाग के द्वारा बारिश के कारण शनिवार दोपहर मरम्मत का काम शुरू हो सका, लेकिन शाम तीन बजे से फिर तेज बारिश होने से मिट्टी और पत्थर डालने का कार्य पूर्ण नहीं हो सका। भारी बारिश से क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग ही नहीं बल्कि राजमांर्गों और उनके उपगामी पुलों में भी कटान होने से आवागमन पर प्रभाव पडऩे लगा है। मालूम रहे कि लखनऊ-इटावा मार्ग पर ३१ अगस्त की शाम करीब चार बजे तेज बारिश के बाद पांडु नदी में उफान के बाद पुल के उत्तरी छोर का काफी बड़ा हिस्सा धस गया। सड़क धस जाने और दुर्घटना के मद्देनजर राहगीरों ने मामले की खबर ककवन पुलिस को दी थी जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए बस, ट्रक, क...

राहुल त्रिपाठी बिल्हौर अमर उजाला

कैसे हों किसान खुशहाल, जब कृषि है कार्यालय खस्ताहाल उप संभागीय कार्यालय दुर्दशा के कारण हुआ जर्जर लाखों की लैब में नहीं हो रही मिट्टी उर्वरता की जांच   कार्यालय में अधिकारी-कर्मी की तैनात तक नहीं राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। तहसील क्षेत्र में गिरती खेतों की उर्वरता को देखने हुए शासन स्तर से उप संभागीय कृषि प्रसार कार्यालय में अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना कराई गई है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण लाखों रुपये से तैयार लैब का कोई लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। वहीं करीब नब्बे हजार किसानों को योजनाएं पहुंचाने वाला तहसील स्तरीय कार्यालय पूरी तरह दुर्दशा का शिकार है। स्टाफ की कमी के कारण यहां आने वाले किसानों बिना किसी जानकारी के बैरंग ही लौट रहे हैं। प्रकृतिक मार से परेशान किसानों को सहूलियत देने के लिए सरकार की ओर से तहसील मुख्यालय में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी की तैनाती और कार्यालय स्थापना कराई गई है। इसी कार्यालय से चौबेपुर, शिवराजपुर, ककवन और बिल्हौर विकास खंड के कृषि क्षेत्र की उर्वरता, कृषि सयंत्र प्रबंधन, बीजे वितरण, कीट नाशक वितरण सहित राष्ट्रीय खाद्य...