जैसरमऊ-अटियार के वैटलैंड में तितलियों की रंगीन दुनिया

 

 

राहुल त्रिपाठी

बिल्हौर। तहसील क्षेत्र के सभी चार विकास खंडों चौबेपुर, शिवराजपुर, ककवन और बिल्हौर के पांच लाख से अधिक लोगों के लिए अच्छी खबर है, देशाटन और पिकनिक आदि के लिए उन्हें अब कानपुर चिड़ियाघर तक की दौड़ नही लगानी होगी। केंद्रीय जल आयोग सहित वन विभाग ने तहसील क्षेत्र के जैसरमऊ-अटिया गांव में वैटलैंड भूमि का चिंहाकन सेटेलाइट से करके इसके विकास की योजना बनाकर उसकी अमली जामा देना आरंभ कर दिया है। अब इस वैटलैंड भूमि पर प्रवासी पक्षी सहित स्थानीय जीव-जंतुओं को संरक्षित होने का सुनहरा अवसर मिलेगा साथ ही स्थानीय लोगों को पर्यटन स्थल के रूप में एक स्थान मिल सकेगा।

जैसरमऊ-अटिया गांव में वैटलैंड संरक्षित क्षेत्र में बनाया गया द्वार

नेशनल वैटलैंड अथार्रिटी ने इसरो सेटेलाइट से किया स्थान का चयन, एको टूरिज्म के रूप में होगा विकसित


 वन विभाग ने शुरू किया काम, औषधीय पौधों को किया जाएगा संरक्षित

क्षेत्र के राढ़ा पंचायत के गंगेश्वर आश्रम और इसके आसपास का इलाका तितली, सारस, मोर, तोता, गिलहरी सहित कई प्रकार के पक्षिओं और जंतुओं के लिए संरक्षित कर दिया गया है। भारत सरकार के निर्देश पर वन विभाग ने करीब 130 हेक्टेयर भूमि को वैटलैंड यानि नम वाली भूमि घोषित किया है। यह क्षेत्रफल गंगा नदी से एकाएक सटा होने से यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी अनुज सक्सेना ने बताया कि जैसरमऊ अटिया गांव में गंगा तट के समीप वैटलैंड भूमि चिंहित कर काम शुरू किया गया है। यह भूमि वन विभाग और पंचायत की भूमि है।

गंगा तट जैसरमऊ-अटिया में वैटलैंड भूमि पर बनेगा एको टूरिज्म तितली व पक्षी विहार

वहीं स्टेट वैटलैंड अथारिटी के स्थानीय प्रमुख डा0 केपी सिंह ने बताया कि मैं जैसमऊ-अटिया का चयन वर्ष 2005 में नेशनल वैटलैंड अथारिटी भारत सरकार द्वारा किया गया, जिसमें इसरो ने सेटेलाइट से भूमि का चयन किया और इस भूमि को विशेष कोड किया गया। इस क्षेत्र में विशेष प्रकार की तितिलयां, औषधीय पौधे, पक्षी है जिसका प्रोजेक्ट उन्होंने प्रदेश सरकार को प्रेषित कर दिए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो एको टूरिज्म के रूप में यह क्षेत्र जल्द ही विकसित होगा। उनके दिए गए प्रस्ताव पर मथुरा, अयोध्या, अंबेडकर नगर के वैटलैंड का चयन कर एको टूरिज्म पार्क के लिए बजट आंवटित हो चुका है।





































































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जैसरमऊ वेटलैंड में बसा है तितलियों का रंगीन संसार


कानपुर नगर जनपद की बैल्होर तहसील के गाँव जैसरमऊ में स्थित वेटलैंड का सर्वेक्षण वन विभाग द्वारा कराया गया है। सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर यह वेटलैंड पक्षियों व तितलियों के प्राकृतिक रहवास ( हेविटाट) के रूप में ज्ञात हुआ है। 
वन विभाग इस वेटलैंड का संरक्षण 
करके प्रकृति प्रेमियों के लिए एक ईको-टूरिज्म स्पाॅट की तरह विकसित करेगा  


प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ साथ वन्यजीवों के हेविटाट मौजूद

कटरी-जैसरमऊ वेटलैंड की सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने वाली संस्था बीआरडीएस के डाॅ के पी सिंह ने बताया कि जैसरमऊ वेटलैंड गंगा नदी के कटान से बना प्राकृतिक वेटलैंड हैं । इस वेटलैंड पर विभिन्न प्रकार के हेविटाट मौजूद हैं जिनमें स्वच्छ पानी की झील , ग्रासलैंड, कन्दराएं,  बालू मिट्टी के टीले , मध्यम घना जंगल , झाड़ीदार क्षेत्र आदि शामिल हैं । यह वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के रूप मे मौजूद है। वेटलैंड पर तितलियों व स्थानीय आवासीय पक्षियों की प्रजातियों की बहुतायत है। 


आवासीय पक्षियों की प्रजनन स्थली 


सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर यहां पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां पाई गई हैं। इनमें हरा कबूतर , कोयल , सारस क्रेन, लेशर विशलिंग डक,  रेड-विश्कर्ड बुलबुल, काॅपर स्मिथ बारबेट, रूफस ट्रीपाई, गोल्डन ओरिओल, पाइड कूको, क्लेमरस रीड वार्बलर , यलो आइड वार्बलर, ऐशी क्राउन स्पैरो लार्क, क्रिस्टिड लार्क, पैडीफील्ड पिपिट, ग्रे हॉर्नबिल, मैगपाई रोबिन , ग्रेटर कूकल, काॅमन टेलर बर्ड, पर्पल सनबर्ड, ग्रीन बी-ईटर, पाइड बुशचैट, ब्लैक ड्रोंगो, बया बीबर आदि रिकार्ड किए गए हैं  


तितलियों का रंगीन संसार बसा है इस वेटलैंड पर


जैसरमऊ वेटलैंड पर तितलियों की विभिन्न प्रजातियां पाई गई हैं। इनसे वेटलैंड की सुन्दरता में चार चांद लग रहे हैं। तितलियों की प्रजातियों में कैबैज व्हाइट, काॅमन जैजबेल,  पेन्टेड लेडी, काॅमन जे, डेनिड एगफ्लाई, बुशब्राउन, चॉकलेट पेन्जी, काॅमन मूरमून, काॅमन गुल, यलो ओरेंज टिप, व्हाइट ओरेंज टिप , प्लेन टाइगर, स्ट्रीप्ड टाइगर, काॅमन ग्रास यलो , काॅमन इमाईग्रेन्ट, यलो पेन्जी , पीकोक पेन्जी , ब्लू पेन्जी,  लेमन पेन्जी,  लाइम बटरफ्लाई , पायनियर प्रजाति की तितलियों सहित 25 प्रजातियां रिकार्ड की गई हैं। 


वेटलैंड के ईको-टूरिज्म के रूप मे विकसित होने की संभावनाए

जैसरमऊ वेटलैंड जैव-विविधतापूर्ण क्षेत्र हैं। कानपुर नगर से लगभग 35 किमी की दूरी पर स्थित है। इस वेटलैंड में ईको-टूरिज्म की क्षमताएं हैं।  यह प्रकृति प्रेमियों , पक्षी प्रेमियों व वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए उत्तम  वेटलैंड है। 

वेटलैंड के संरक्षण पर रहेगा विशेष ध्यान

कानपुर नगर वन विभाग की प्रभागीय निदेशक दिव्या के अनुसार जैसरमऊ वेटलैंड की जैव विविधता उत्कृष्ट श्रेणी की है। यहां मौजूद वनस्पति व वन्यजीवों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए वेटलैंड संरक्षण अति आवश्यक है।  इस वेटलैंड के संरक्षण की कार्ययोजना में झील की सफाई,  वेटलैंड का प्रवेशद्वार, पर्यटको के लिए झोपड़ी व बेन्च आदि के साथ अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे

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