कश्मीर के पहलगाम बायसरन घाटी में दहशतगर्दों ने मासूमों का किया कत्लेआम
राहुल त्रिपाठी
दुख की घड़ी में दुखी के लब्ज-जुबान और जिंदगी सब रुक जाती है...............
खुशियां तहस नहस हो जाती हैं, आंशुओं में सब बिखर जाता हैं।
22 अप्रैल 2025 मंगलवार को कश्मीर के पहलगाम के बायसरन घाटी में देश के कोने-कोने से सैर सपाटे को पहुंचे महिलाओं-युवाओं पर दहशतगर्दों ने फायरिंग कर इंसानियत को मौत के घटना उतार दिया। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हुई इस घटना की सूचना कुछ ही देर में पूरे देश में पहुंची तो पूरा देश गम में डूब गया। बीते एक दशक में यह अपने तरह ही सबसे बड़ी आतंकी घटना से पूरा देश स्तब्ध है।
23 अप्रैल 2025 को आम और खास छोटे-बड़े सभी शहर-कसबों-गांवों में आंतकी घटना की चर्चा दिखे। युवाओं में जहां रोष दिखा वहीं प्रौढ़ परेशान और बुजुर्ग दुखी नजर आए। पूरा का पूरा देश सरकार और सेना पर नजरें लगाए हैं। जो दहशतगर्दों ने किया वह बचेंगें तो नहीं लेकिन जो हमारे हमसे बिछड़ गए वह अब लौट के नहीं आएंगे।
हमारा पूरा देश भूखा रह लेगा, लेकिन आने वाली पीढ़ी को इस प्रकार की समस्या न हो इसके लिए हर वह कदम उठाने का प्रयास करेगा जिससे की हमारे बच्चों सुरक्षा में सांस ले सके। जिसमें दहशतगर्दों की कोई जगह न हो।
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आतंक का कोई धर्म नहीं होता, लेकिन आतंकी सिर्फ एक ही धर्म के क्यों
पहलगाम में हुई घटना के बाद अब युवाओं में आतंक का कोई धर्म नहीं होता इसकी वकालत करने वालों पर नजर टेढ़ी हो गई हैं, युवाओं का साफ कहना है कि मुंबई टेरर अटैक हो या फिर देश के अलग-अलग स्थानों पर बीते दशकों में हुए हमलों में हमलावर सिर्फ एकही धर्म के ही निकले। ऐसे दहशतगर्द निहत्थों, मासूम लोगों पर गोली चलाकर मौत के घाट उतार देते हैं, ऐसे में उनका जमीर और बुद्धि विवेक की कल्पना की जा सकती है।
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देश को मोदी और शाह पर पूरा भरोसा
दुनिया की सबसे बड़ी महामारी कोविड-19 से देश ने डटकर मुकाबला किया है, पूरे देश में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के महामारी में दोनों के कार्यों को करीब से परखा हैं। देश का बच्चे-बच्चे को भरोसा है आने वाले दिनों में दहशतगर्दों को मुंहतोड़ जबाब मिलेगा। हिंदुस्तानियों को संयम रखना हैं, इससे पहले ही अंग्रेजों और अक्रांताओं ने हम पर हमले किए हैं, हमारे पूर्वजों ने कई कष्ट भी सहे और सही समय पर सही जबाब भी दिया है, हम शांतिवादी भारतवंशी हैं, राजनीति अपनी जगह है, लेकिन हम सब एक हैं।
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मृतकों में यह भी शामिल
1- सुशील नथ्याल, इंदौर
2- सैयद आदिल हुसैन शाह, पहलगाम
3- हेमंत सुहास जोशी, तमी मुंबई
4- विनय नरवाल, करनाल, हरियाणा
5- अतुल श्रीकांत मोनी, डोंबिवली पश्चिम, मुंबई
6- नीरज उधवानी, उत्तराखंड
7- बितान अधिकारी, कोलकाता
8- सुदीप न्यौपाने, नेपाल
9- शुभम द्विवेदी, श्याम नगर, कानपुर सिटी, यूपी
10- प्रशांत कुमार सतपथी, मालाश्वर, ओडिशा
11- मनीष रंजन (आबकारी निरीक्षक), बिहार
12- एन. रामचंद्र, कोच्चि, केरल
13- संजय लक्ष्मण लाली, ठाणे, मुंबई
14- दिनेश अग्रवाल, चंडीगढ़
15- समीर गुहार, कोलकाता
16- दिलीप दसाली, पनवेल, मुंबई
17- जे. सच्चंद्र मोली, विशाखापट्टनम
18- मधुसूदन सोमिसेट्टी, बेंगलुरु
19- संतोष जगधा, पुणे, महाराष्ट्र
20- मंजू नाथ राव, कर्नाटक
21- कस्तूबा गवंटोये, पुणे, महाराष्ट्र
22- भरत भूषण, सुंदर नगर, बेंगलुरु
23- सुमित परमार, भावनगर, गुजरात
24- यतेश परमार, भावनगर, गुजरात
25- तागेहायिंग (वायुसेना कर्मचारी), अरुणाचल प्रदेश
26- शैलेशभाई एच. कलाथिया, सूरत, गुजरात
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