22 वर्षों से लगातार कर रहे भोलेबाब का रुद्राभिषेक

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खेरेश्वर गंगा तट के महाकालेश्व मंदिर में भोले बाबा का होता रुद्राभिषेक
राहुल त्रिपाठी
बिल्हौर। क्षेत्र के शिवराजपुर स्थित प्राचीन खेरेश्वर महादेव मंदिर और गंगा तट पर सावन मास की तरह ही बीते करीब 22 वर्षों से लगातार भगवान भोलेनाथ का नियमित रुद्राभिषेक गंगा तट पर स्थित महाकालेश्वर मंदिर में किया जा रहा है। बहरमापुर गांव निवासी आचार्य गोपीकृष्ण अग्निहोत्री विधि विधान से भोले बाबा का रोजाना रुद्राभिषेक का नया कीर्तिमान रच रहे हैं।


शिवराजपुर गंगा तट स्थित महाकालेश्वर मंदिर

गंगा तट किनारे विराजे महाकालेश्वर महादेव



आचार्य गोपीकृष्ण अग्निहोत्री


सावन माहस में गांव-गांव, घर-घर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक सहित कई अन्य प्रकार की पूजा अर्चना का सिलसिला जारी है। शिवराजपुर के बहरमापुर गांव निवासी आचार्य गोपीकृष्ण अग्निहोत्री ने बताया कि भगवान भोले नाथ की कृपा उन पर और उनके परिवार पर जन्म से आज तक बनी हुई है। यहीं कारण है कि वह लगातार भोलेबाबा की पूजा अर्चना कर रहे हैं, बताया कि वह बीते 22 वर्ष दो माह और 16 दिन से लगातार ब्रम्ह मूर्हुत में खेरेश्वर गंगा तट पर पहुंचकर पहले गंगा स्नान करते हैं, फिर गंगा तट पर ही स्थित महाकालेश्व महादेव मंदिर के कपाट खोल गंगा जल से संपूर्ण परिसर साफ करते हैं, इसके उपरांत बीते वर्षों की भांति भगवान भोले नाथ का रुद्राभिषेक करते हैं। बताया कि उन्हें नियमित भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करने से असीम शक्ति प्राप्त होती हैं। वैसे भक्त अधिकांश रूप से सावन मास में ही रुद्राभिषेक करते हैं, लेकिन उनकी दिनचर्या में रुद्राभिषेक नियमित हो गया है। बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में सावन मास में यदि कोई भक्त उनके द्वारा रुद्राभिषेक करवाना चाहता है तो उसे भी वह संपन्न कराते हैं, सावन मास में वह एक-एक दिन में अपने महाकालेश्वर महादेव के चार से पांच बार तक रुद्राभिषेक करते हैं।

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