दशकों बाद भी बेर्रा गांव में ईशन नदी पर नहीं बन सका पुल

राहुल त्रिपाठी
बिल्हौर। क्षेत्र के संती-बेर्राखानपुर संपर्क मार्ग पर ईशन नदी पुल का निर्माण न हो पाने से क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को करीब 15 किमी का चक्कर लगाकर मकनपुर होते हुए आवागमन करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार उच्चाधिकारियों, सांसद-विधायक और सेतु निगम के अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक पुल न बनने से इलाके के लोगों में मायूसी है।
बेर्रा खानपुर ग्राम प्रधान आरती कटियार ने बताया कि क्षेत्रीय किसायों की मुख्य आलू, मक्का और जायद की फसलें हैं, जिनकी मंडी बकोठी, मकनपुर और टर्मिनल मंडी ठठिया है, गांव से सटकर ईशन नदी बहती है और नदी के ठीक पार मात्र एक दो किमी दूर मकनपुर है, लेकिन पुल न होने के कारण किसानों को करीब 15 किमी का चक्कर लगाकर या तो बिल्हौर से या फिर अरौल से घूमकर आवागमन करना पड़ता है। वहीं वयोबृद्ध कानपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सूरज प्रसाद कटियार ने पूर्व विधायक मोतीलाल देहलवी द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए 1990 के दशक में संजती बादशाहपुर से बेर्राखानपुर तक पक्का मार्ग बनवाया गया था, तब नसिरापुर, बकोठी, पुरवा, खसपुरा, बेर्रा, देवहा, वछना, उट्ठा, विषधन, दलेलपुर, गढ़ी, रौगांव आदि पंचायतों और कानपुर देहात और कन्नौज के लोग ईशन नदी पर पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। पुल न होने से क्षेत्र का विकास बाधित है, उन्होंने पुल निर्माण के लिए मिश्रिख सांसद अशोक रावत, बिल्हौर विधायक मोहित उर्फ राहुल सोनकर, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान सहित कई उच्चाधिकारियों से संपर्क किया है, लेकिन अभी तक पुल का निर्माण आरंभ न होने से लोगों में मायूसी है।
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आधा दर्जन पंचायतों के हजारों लोगों को 15 किमी का लगाना पड़ रहा चक्कर
पुलिस बनने से ककवन और कानपुर देहात तक के लोगों को होगा सीधा लाभ

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