स्वामी नारायण आश्रम में पढऩे वाले वीरों ने अंग्रेजों की नाक में किया दम - फिरंगियों ने कोठी में बंद कर वछना के सेनानियों को दी थी यातनाएं राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। तहसील क्षेत्र के मकनपुर के अलावा अरौल, आंकिन, वछना, सैबसू, शिवराजपुर के वीर सपूतों का आजादी की लड़ाई में महती भूमिका रही है। अंग्रेज हुक्मरान क्षेत्र में नहरों से पानी के लिए गांव-गांव जाकर लगान वसूली के साथ-साथ जबरन नील की खेती कराते थे। इसके अलावा लगान और ईस्ट इंडिया कंपनी के उत्पाद न खरीदने पर विविध प्रकार की यातनाएं देते थे। लेकिन अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में वछना गांव के स्वामी नारायण आश्रम में पढऩे वाले युवाओं ने अंगे्रजों की कोठी में जमकर आगजनी और पत्थरबाजी करते हुए विरोध के सुर तेज कर दिए थे। जिसके बाद ककवन, बिल्हौर, ककवन, देवहा, मकनपुर अरौल में अंगे्रजों विरोधी लहर से फिरंगी कड़ी सुरक्षा में ही क्षेत्र में आते थे। स्वतंत्रता संग्राम में महती भूमिका निभाने वाले वीर सपूतों के परिजन आज भी अंगे्रजों से लिए गए पूर्वजों विवाद को बताते नहीं थक रहे। वर्ष १९३० स्वामी नारायण आश्र...